हो होली खेलत आज युगल जोड़ी: होली भजन

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन Bhajan Shri Krishna Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

हो होली खेलत आज युगल जोड़ी

होली खेलत आज युगल जोड़ी, होली खेलत

आ मारे रसिया, हो मारे रसिया

हो बारे रसिया, ओ मारे रसिया

हो होली खेलत आज युगल जोड़ी

होली खेलत आज युगल जोड़ी, होली खेलत

उड़त गुलाल चाउ दिस छाए,

समझ परे न कोई होली, होली खेलत

हो होली खेलत आज युगल जोड़ी

होली खेलत आज युगल जोड़ी, होली खेलत

आ मारे रसिया, हो मारे रसिया

हो होली खेलत आज युगल जोड़ी

होली खेलत आज युगल जोड़ी, होली खेलत

बाल गोपाल, लाल सब हर्षित

डालत रंग उमगो की होली, होली खेलत

हो होली खेलत आज युगल जोड़ी

होली खेलत आज युगल जोड़ी, होली खेलत

आ मारे रसिया, हो मारे रसिया

हो होली खेलत आज युगल जोड़ी

होली खेलत आज युगल जोड़ी, होली खेलत

लड़पत गिरत उठत मुख चूमत

करात फारस पर झकजोरी होली, होली खेलत

हो होली खेलत आज युगल जोड़ी

होली खेलत आज युगल जोड़ी, होली खेलत

आ मारे रसिया, हो मारे रसिया

हो होली खेलत आज युगल जोड़ी

होली खेलत आज युगल जोड़ी, होली खेलत

सूर-श्याम प्रभु/सब तुमरे दर्श की

वणनी न जाये छवि होली, होली खेलत

हो होली खेलत आज युगल जोड़ी

होली खेलत आज युगल जोड़ी, होली खेलत

आ मारे रसिया, हो मारे रसिया

हो होली खेलत आज युगल जोड़ी

होली खेलत आज युगल जोड़ी, होली खेलत

और गोपी कहती...

होली में तभाई मच गई,

होली में तभाई मच गई,

तभाई मच गई, तभाई मच गई

होली में तभाई मच गई,

होली में तभाई मच गई,

होरी होरी कैसी होरी,

रंग बिरंगी होली

बहुत दिनों से होली होली

रंगो में रच जाएगी,

रंगो में रच जाएगी

हो हो हो हो..

होली में तभाई मच गई,

होली में तभाई मच गई,

तभाई मच गई, तभाई मच गई

होली में तभाई मच गई,

होली में तभाई मच गई,

उड़े गुलाल चले पिचकारी,

चीख मची है प्यारी

होली में हुड़दंग मची,

कैसे तू बच जाएगी

कैसे तू बच जाएगी

हो हो हो हो..

होली में तभाई मच गई,

होली में तभाई मच गई,

तभाई मच गई, तभाई मच गई

होली में तभाई मच गई,

होली में तभाई मच गई,

बोलये होली के रसिया की जय !!

सरल हिंदी भावार्थ एवं आध्यात्मिक महत्व

हो होली खेलत आज युगल जोड़ी, आ मारे रसिया, हो मारे रसिया.. Ho Holi Khelat Aaj Yugal Jodi, Aa Maare Rasiya, Ho Maare Rasiya

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।