॥ पावन पाठ ॥
होली आई रे पिया जी रे देश रे,
म्हारो श्याम हठीलो कान्हा केसर खेलत होली रे ॥
होली का खेल महादेव खेले.
खेलत गणपत गोरी,
॥ दोहा ॥
होली आई रे पिया जी के देश रे ॥
होली आई रे पिया जी रे देश रे,
म्हारो श्याम हठीलो कान्हा केसर खेलत होली रे ॥
होली का खेल महादेव खेले.
खेलत गणपत गोरी,
होली आई रे पिया जी के देश रे ॥