हे विनय विनायक विनती करा

पारंपरिक
श्री गणेश भजन Bhajan Vighneswaray Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

हे विनय विनायक विनती करा,

म्हारे आंगन आप पधारो जी,

निर्बल रा बल प्रभु आप ही हो,

निर्धन रा धन प्रभु आप ही हो,

मन मंदिर में सत्कार करा,

म्हारे आंगन आप पधारो जी ॥

हे आदि देव हे अनादि देवा,

थाने भोग लगावा लाडू मेवा,

हे अष्ट सिद्धि नव निधि दाता,

थाने चंवर डुला मनवार करा,

म्हारे आंगन आप पधारो जी ॥

हे विनय विनायक वीनती करा,

म्हारे आंगन आप पधारो जी ॥

गौरी नंदन हे अष्ट विनायक,

दुःख भंजन हे सुखदायक,

भवसागर सु म्हाने पार करो,

थारा चरणा में अरदास करा,

म्हारे आंगन आप पधारो जी ॥

हे विनय विनायक वीनती करा,

म्हारे आंगन आप पधारो जी ॥

भोलेनाथ रा थे भंडारी हो,

आदिशक्ति रा शक्ति प्रभारी हो,

थे जगत पिता त्रिपुरारी हो,

थाने बारम्बार प्रणाम करा,

म्हारे आंगन आप पधारो जी ॥

हे विनय विनायक वीनती करा,

म्हारे आंगन आप पधारो जी ॥

हे विनय विनायक विनती करा,

म्हारे आंगन आप पधारो जी,

निर्बल रा बल प्रभु आप ही हो,

निर्धन रा धन प्रभु आप ही हो,

मन मंदिर में सत्कार करा,

म्हारे आंगन आप पधारो जी ॥

आरती गणपती की | आओ जी गजानन आओ | श्री सिद्धिविनायक तेरी आरती गाऊं | गणपती बप्पा मोरया | श्री सिद्धिविनायक नमः

सरल हिंदी भावार्थ एवं आध्यात्मिक महत्व

भजन: हे विनय विनायक विनती करा | Bhajan: Hey Vinay Vinayak Vinati Kara Ke Lyrics Hindi Aur English Main

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।