॥ दोहा ॥
हे शम्भू बाबा मेरे भोलेनाथ, तीनों लोक में तू ही तू।
श्रद्धा सुमन प्रभु तेरे चरण में, करता हूँ अर्पण मैं तू ही तू॥
॥ चौपाई ॥
गले में सर्पों की माला सुहाई, जटा में गंगा की धार बहाई।
भाल पे चंदा दमके निराला, तू ही मेरा स्वामी तू ही रखवाला॥
हे शम्भू बाबा...
विष पीकर तूने जगत बचाया, नीलकंठ प्रभु नाम धराया।
भक्तों के संकट हरने वाले, कैलाश पर्वत पे बसने वाले॥
हे शम्भू बाबा...
ना कोई मेरा तेरे सिवा है, तू ही मेरी भक्ति तू ही दुआ है।
अपने चरणों की भक्ति दे दो, जीवन के सारे पाप हर लेओ॥
हे शम्भू बाबा...
॥ दोहा ॥
हर हर महादेव शंभू, काशी विश्वनाथ गंगे।
काशी विश्वनाथ गंगे, हर हर महादेव शंभू॥