हे राम, हे राम

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन Bhajan Shri Ram Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

हे राम, हे राम

जग में साचो तेरो नाम

हे राम, हे राम

तू ही माता, तू ही पिता है

तू ही माता, तू ही पिता है

तू ही तो है, राधा का श्याम

हे राम, हे राम

तू अंतर्यामी, सबका स्वामी

तू अंतर्यामी, सबका स्वामी

तेरे चरणों में, चारो धाम

हे राम, हे राम

तू ही बिगड़े, तू ही सवारे

तू ही बिगड़े, तू ही सवारे

इस जग के, सारे काम

हे राम, हे राम

तू ही जगदाता, विश्वविधता

तू ही जगदाता, विश्वविधता

तू ही सुबह, तू ही शाम

हे राम, हे राम

हे राम, हे राम

जग में साचो तेरो नाम

हे राम, हे राम

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।