हे राजा राम तेरी आरती उतारूँ

पारंपरिक
श्री कृष्ण आरती Bhajan Shri Ram Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

हे राजा राम तेरी आरती उतारूँ,

आरती उतारूँ प्यारे तुमको मनाऊँ,

अवध बिहारी तेरी आरती उतारूँ,

हे राजा राम तेरी आरती उतारूँ ॥

कनक सिहासन रजत जोड़ी,

दशरथ नंदन जनक किशोरी,

युगल छबि को सदा निहारूँ,

हे राजा राम तेरी आरती उतारूं ॥

बाम भाग शोभित जग जननी,

चरण बिराजत है सुत अंजनी,

उन चरणों को सदा पखारू,

हे राजा राम तेरी आरती उतारूं ॥

आरती हनुमत के मन भाए,

राम कथा नित शिव जी गाए,

राम कथा हृदय में उतारू,

हे राजा राम तेरी आरती उतारूं ॥

चरणों से निकली गंगा प्यारी,

वंदन करती दुनिया सारी,

उन चरणों में शीश नवाऊँ,

हे राजा राम तेरी आरती उतारूं ॥

हे राजा राम तेरी आरती उतारूं,

आरती उतारूँ प्यारे तुमको मनाऊँ,

अवध बिहारी तेरी आरती उतारूँ,

॥ दोहा ॥

हे राजा राम तेरी आरती उतारूं ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।