हे प्रथम पूज्य गौरीनंदन, हम शरण तिहारी आए है

पारंपरिक
महादेव भजन Bhajan Vighneswaray Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

हे प्रथम पूज्य गौरीनंदन,

हम शरण तिहारी आए है,

श्रद्धा के सुमन अर्पित करने,

हम थाल सजा कर लाए है,

हे प्रथम पुज्य गौरीनंदन,

हम शरण तिहारी आए है ॥

तुम रिद्धि सिद्धि के दाता हो,

बल और बुद्धि के प्रदाता हो,

उसको भव पार लगाते हो,

जो नाम तिहारा गाता हो,

नैया भव में है डोल रही,

बड़ी आस लगाकर आए है,

हे प्रथम पुज्य गौरीनंदन,

हम शरण तिहारी आए है ॥

तुम्हे शिव शंकर त्रिपुरारी ने,

है प्रथम पूज्य वरदान दिया,

सब देवों ने अपनी शक्ति,

का गणपति तुम्हे वरदान दिया,

पहले सब तुम्हरा नाम जपे,

हम जय जयकार लगाए है,

हे प्रथम पुज्य गौरीनंदन,

हम शरण तिहारी आए है ॥

मूसे की सवारी कर के प्रभु,

कैलाश पे लीला दिखाते हो,

माँ गौरा मोदक भोग धरे,

बड़े प्रेम से देवा खाते हो,

हम भी श्रद्धा के मोदक से,

तुम्हे भोग लगाने आए है,

हे प्रथम पुज्य गौरीनंदन,

हम शरण तिहारी आए है ॥

कलयुग देवा घनघोर घना,

तुम पार लगाने आ जाओ,

‘चन्दन’ की विनती स्वीकारो,

प्रभु दर्श दिखाने आ जाओ,

हम तुम्हरी जय जयकार करे,

और शीश नवाने आए है,

हे प्रथम पुज्य गौरीनंदन,

हम शरण तिहारी आए है ॥

हे प्रथम पूज्य गौरीनंदन,

हम शरण तिहारी आए है,

श्रद्धा के सुमन अर्पित करने,

हम थाल सजा कर लाए है,

हे प्रथम पुज्य गौरीनंदन,

॥ दोहा ॥

हम शरण तिहारी आए है ॥

सरल हिंदी भावार्थ एवं आध्यात्मिक महत्व

भजन: हे प्रथम पूज्य गौरीनंदन, हम शरण तिहारी आए है | Bhajan: Hey Pratham Pujya Gaurinandan Hum Sharan Tihari Aaye Hai Lyrics Hindi Aur English Main

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।