है भोलेनाथ की शादी हम तो नाचेंगे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन Bhajan Shiv Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

है भोलेनाथ की शादी हम तो नाचेंगे,

है भोलेनाथ की शादी हम तो नाचेंगे ॥

पिया है भांग बजी है बीट,

चढ़ी है मस्ती गायेंगे गीत,

छोड़ के सारी फिक्रा खुशियां बाटेंगे ॥

है भोलेनाथ की शादी हम तो नाचेंगे,

है भोलेनाथ की शादी हम तो नाचेंगे ॥

दुल्हन बनी है गौरा मैया,

नंदी पे है शंकर शम्भू,

सखियाँ छेड़ रही गौरा को,

बाराती बड़े भयंकर,

मची है धूम रहे सारे घूम,

रहे सारे घूम मची है धूम,

अजी चाँद सितारे आसमान से झाकेंगे ॥

है भोलेनाथ की शादी हम तो नाचेंगे,

है भोलेनाथ की शादी हम तो नाचेंगे ॥

युगो युगो में बनती है कभी,

शिव गौरा सी जोड़ी,

एक भभूति वाले बाबा,

गौरा गौरी गौरी,

प्यार का खेल हुए है मेल,

हुए है मेल प्यार का खेल,

योगी संग राजकुमारी दुख सुख बाटेंगे ॥

है भोलेनाथ की शादी हम तो नाचेंगे,

है भोलेनाथ की शादी हम तो नाचेंगे ॥

बगड़ बम्ब बम बबम बम बबम,

बबम बम बबम बबम बम बबम,

बबम बम बबम बबम बम बबम,

बम भोले,

शंभू ॥

बगड़ बम्ब बम बबम बम बबम,

बबम बम बबम बबम बम बबम,

बबम बम बबम बबम बम बबम,

बम भोले ॥

जगमग करती शहर की गालियाँ,

बटने लगी मिठाइयां,

रवि राज की ओर से सबको,

लख लख हौण बधाइयां,

हँसराज की ओर से सबको,

लख लख हौण बधाइयां,

लो शिव का नाम बनेंगे काम,

हाँ सुबह शाम लो शिव का नाम,

शिव कष्ट हमारे पलभर क्षण में काटेंगे ॥

है भोलेनाथ की शादी हम तो नाचेंगे,

है भोलेनाथ की शादी हम तो नाचेंगे ॥

है भोलेनाथ की शादी हम तो नाचेंगे,

है भोलेनाथ की शादी हम तो नाचेंगे ॥

श्री शिव पंचाक्षर स्तोत्र | शिव चालीसा | आरती: श्री शिव, शंकर, भोलेनाथ

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।