हे भोले बाबा हे भंडारी

पारंपरिक
महादेव भजन Bhajan Shiv Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

हे भोले बाबा हे भंडारी,

नाम जपूँ तेरा,

ओ शम्भू मेरे नाम जपूँ तेरा,

डमरू वाला दीनदयाला,

डमरू वाला दीनदयाला,

ध्यान धरूँ तेरा,

ओ शम्भू मेरे ध्यान धरूँ तेरा,

हे भोलें बाबा हे भंडारी,

नाम जपूँ तेरा,

ओ शम्भू मेरे नाम जपूँ तेरा ॥

जीवन से तुम दुःख के कांटे,

शंकर अब मिटा दो,

मैं भी हंसना गाना चाहूँ,

सुख के फूल खिला दो,

हे महादेवा हाथ जोड़ के,

हे महादेवा हाथ जोड़ के,

वंदन करूँ तेरा,

ओ शम्भू मेरे वंदन करूँ तेरा,

हे भोलें बाबा हे भंडारी,

नाम जपूँ तेरा,

ओ शम्भू मेरे नाम जपूँ तेरा ॥

मारग से फिरूं भटका भटका,

राह सही दिखला दो,

रस्ता मुश्किल धुंधली मंजिल,

ज्ञान का दीप जला दो,

उमापति महाकाल महेश्वर,

उमापति महाकाल महेश्वर,

दास रहूं तेरा,

ओ शम्भू मेरे दास रहूं तेरा,

हे भोलें बाबा हे भंडारी,

नाम जपूँ तेरा,

ओ शम्भू मेरे नाम जपूँ तेरा ॥

जीवन का आधार तू ही है,

तू ही मेरा सहारा,

प्यारा लगता बाबा मुझको,

चौखट तेरा द्वारा,

गंगाधर मेरे शिव शंकर,

गंगाधर मेरे शिव शंकर,

बालक हूँ मैं तेरा,

ओ शम्भू मेरे बालक हूँ मैं तेरा,

हे भोलें बाबा हे भंडारी,

नाम जपूँ तेरा,

ओ शम्भू मेरे नाम जपूँ तेरा ॥

हे भोले बाबा हे भंडारी,

नाम जपूँ तेरा,

ओ शम्भू मेरे नाम जपूँ तेरा,

डमरू वाला दीनदयाला,

डमरू वाला दीनदयाला,

ध्यान धरूँ तेरा,

ओ शम्भू मेरे ध्यान धरूँ तेरा,

हे भोलें बाबा हे भंडारी,

नाम जपूँ तेरा,

॥ दोहा ॥

ओ शम्भू मेरे नाम जपूँ तेरा ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।