हरि तुम हरो जन की भीर

मीरा बाई
श्री कृष्ण भजन Bhajan Shri Vishnu Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

हरि तुम हरो जन की भीर।

द्रोपदी की लाज राखी, तुम बढ़ायो चीर॥

हरि तुम हरो जन की भीर...

भगत कारण रूप नरहरि धर्‌यो आप शरीर॥

हिरण्यकश्यप मारि लीन्हो धर्‌यो नाहिन धीर॥

हरि तुम हरो जन की भीर...

बूड़तो गजराज राख्यो कियौ बाहर नीर॥

दासी मीरा लाल गिरधर चरणकंवल सीर॥

हरि तुम हरो जन की भीर।

॥ दोहा ॥

द्रोपदी की लाज राखी, तुम बढ़ायो चीर॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।