हरी नाम सुमिर सुखधाम, जगत में

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन Bhajan Shri Vishnu Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

हरी नाम सुमिर सुखधाम,

हरी नाम सुमिर सुखधाम

जगत में जीवन दो दिन का

पाप कपट कर माया जोड़ी,

गर्व करे धन का

॥ हरी नाम सुमिर सुखधाम...॥

सभी छोड़ कर चला मुसाफिर,

वास हुआ वन का

सुन्दर काया देख लुभाया,

लाड कर तन का

छूटा स्वास बिखर गयी देहि,

जो माया मन का

हरी नाम सुमिर सुखधाम,

जगत में जीवन दो दिन का

जो बनवारी लगे प्यारी प्यारी,

मौज करे मन का

काल बलि का लगे तमाचा,

भूल जाये धन का

हरी नाम सुमिर सुखधाम,

जगत में जीवन दो दिन का

यह संसार स्वप्न की माया,

मेला पल छिन का

ब्रह्मा नन्द भजन कर बन्दे,

मात निरंजन का

पाप कपट कर माया जोड़ी,

गर्व करे धन का

हरी नाम सुमिर सुखधाम,

जगत में जीवन दो दिन का

हरी नाम सुमिर सुखधाम,

हरी नाम सुमिर सुखधाम

जगत में जीवन दो दिन का

पाप कपट कर माया जोड़ी,

गर्व करे धन का

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इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।