हरि नाम धन बांटिए

पारंपरिक
श्री राम भजन Bhajan Hari Naam Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

हरि नाम धन बांटिए,

हरि नाम धन सिंचिये,

हरि नाम धन चाखिये,

हरि नाम धन लीजिए ॥

सबसे ऊंचा नाम हरि का,

इससे ऊंचा और नहीं,

माया को तो चोर लागे,

इस धन को चोर नहीं,

हरि नाम धन बांटिए,

हरि नाम धन सिंचिये,

हरि नाम धन चाखिये,

हरि नाम धन लीजिए ॥

शामों सुबहा ध्यान हरि का,

थामे अपनी डोर वही,

हरि प्रेम चखा हो जिसने,

भाए कुछ भी और नहीं,

हरि नाम धन बांटिए,

हरि नाम धन सिंचिये,

हरि नाम धन चाखिये,

हरि नाम धन लीजिए ॥

हरि नाम धन ऐसो धन,

जो बांटे सो गुना बढ़ जाये,

जो रिताने तुम चलो,

ये धन रीत ही ना पाए,

हरि नाम धन बांटिए,

हरि नाम धन सिंचिये,

हरि नाम धन चाखिये,

॥ दोहा ॥

हरि नाम धन लीजिए ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।