भजन: हरि जी! मेरी लागी लगन मत तोडना..

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन Bhajan Shri Krishna Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

हरि जी! मेरी लागी लगन मत तोडना,

लाला* जी! मेरी लागी लगन मत तोडना,

गोपाला! मेरी लागी लगन मत तोडना,

लागी लगन मत तोडना,

प्यारे लागी लगन मत तोडना ॥

खेती बोआई मैंने तेरे नाम की, ..[x2]

मेरे भरोसे मत छोडना,

॥ हरि जी मेरी लागी लगन...॥

जल है गहरा नाव पुरानी, ..[x2]

बीच भवर मत छोडना,

॥ हरि जी मेरी लागी लगन...॥

तू ही मेरा सेठ है तू ही साहूकार है, ..[x2]

ब्याज पे ब्याज मत जोड़ना,

॥ हरि जी मेरी लागी लगन...॥

हरि जी! मेरी लागी लगन मत तोडना,

लागी लगन मत तोडना,

प्यारे लागी लगन मत तोडना ॥

* लाला: इस भजन के अन्य धुन में हरि की जगह कहीं-कहीं लाला शब्द का प्रयोग किया गया है।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।