॥ दोहा ॥
हारे का तू है सहारा, सांवरिया सरकार।
तेरे सिवा न कोई मेरा, सुन ले लखदातार॥
॥ चौपाई ॥
हारा हूँ बाबा पर तुझपे भरोसा है।
जीतूंगा एक दिन ये दिल में हौसला है॥
हारा हूँ बाबा पर तुझपे भरोसा है॥
दुनिया ने ठुकराया मुझको, तूने अपनाया।
जब जब मैं रोया बाबा, तूने गले लगाया॥
तेरी कृपा से बाबा, महका ये चमन मेरा।
तू ही तो पतवार है, तू ही जीवन मेरा॥
ना कोई संगी साथी, ना कोई सहारा है।
इस बीच भंवर में बस, नाम तेरा किनारा है॥
कन्हैया मित्तल गाए, महिमा तेरी गाथा।
तेरे चरणों में बाबा, झुका रहे ये माथा॥
॥ दोहा ॥
तीन बाण धारी प्रभु, लीले के असवार।
कन्हैया मित्तल वंदना, कीजो बेड़ा पार॥