राम भजन - हर साज पे राम बजे

पारंपरिक
श्री राम भजन Bhajan Ayodhya Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

जय जय राम राम राम,

जय जय राम राम राम

जय जय राम राम राम,

हर साज़ भजे श्री राम

हर साज पे राम बजे,

हर घर में अयोध्या सजे

संकल्प उठाना है,

श्री राम को घर घर लाना है

श्री राम को घर घर लाना है

जय जय राम राम राम,

जय जय राम राम राम

जय जय राम राम राम,

हर साज़ भजे श्री राम

जय जय राम राम राम,

जय जय राम राम राम

जय जय राम राम राम,

हर साज़ भजे श्री राम

मर्यादा का मान करे जो,

नारी का सम्मान करे जो

मर्यादा का मान करे जो,

नारी का सम्मान करे जो

धीरज धरम हो जिसकी पूँजी,

उसके मन के भीतर राम..

जो सबको बांधता है, इक डोरी से -

वही है राम, वही है राम,

हर साज़ भजे श्री राम

जय जय राम राम राम,

जय जय राम राम राम

जय जय राम राम राम,

हर साज़ भजे श्री राम

जय जय राम राम राम,

जय जय राम राम राम

जय जय राम राम राम,

हर साज़ भजे श्री राम

सच्चाई का दामन थामे

जो सबके दुख को पहचाने

सच्चाई का दामन थामे

जो सबके दुख को पहचाने

शत्रु को भी माफ़ करे जो

उसके मन के भीतर राम

जो सबको बांधता है, इक डोरी से

वही है राम, वही है राम,

हर साज़ भजे श्री राम

जय जय राम राम राम,

जय जय राम राम राम

जय जय राम राम राम,

हर साज़ भजे श्री राम

जय जय राम राम राम,

जय जय राम राम राम

जय जय राम राम राम,

हर साज़ भजे श्री राम

आगे बढ़ना बढ़ते जाना,

राम की राहों को अपनाना

आगे बढ़ना बढ़ते जाना,

राम की राहों को अपनाना

धरती मां का ध्यान धरे जो

उसके मन के भीतर राम,

उसके मन के भीतर राम,

उसके मन के भीतर राम…

जो सबको बांधता है, इक डोरी से

वही है राम, वही है राम

हर साज़ भजे श्री राम

जय जय राम राम राम,

जय जय राम राम राम

जय जय राम राम राम,

हर साज़ भजे श्री राम

जय जय राम राम राम,

जय जय राम राम राम

जय जय राम राम राम,

हर साज़ भजे श्री राम

दिल दिल के तार जुड़े तो,

सब में समाहित होंगे राम

सब में समाहित होंगे राम,

सकल जगत को एक बनाएं,

तुझमें मुझमें सबमें राम,

जय जय राम राम राम,

जय जय राम राम राम

जय जय राम राम राम,

हर साज़ भजे श्री राम

जय जय राम राम राम,

जय जय राम राम राम

जय जय राम राम राम,

हर साज़ भजे श्री राम

जय जय राम राम राम,

जय जय राम राम राम

जय जय राम राम राम,

हर साज़ भजे श्री राम

जय जय राम राम राम,

जय जय राम राम राम

जय जय राम राम राम,

हर साज़ भजे श्री राम

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।