हर रोती हुई आँख को हंसा तेरी मेहरबानी होवेगी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन Bhajan Shri Krishna Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

हर रोती हुई आँख को हंसा,

तेरी मेहरबानी होवेगी,

हर हारे हुए प्रेमी को जीता,

तेर मेहरबानी होवेगी ॥

बार बार दर कोई आके जब रोता है,

दूसरा भी प्रेमी विश्वास को खोता है,

ना किसी का यूँ भरोसा तू डिगा,

तेरी मेहरबानी होवेगी,

हर रोती हुई आंख को हंसा,

तेरी मेहरबानी होवेगी ॥

भोगना पड़े जो हमें कर्मो का फल है,

तेरा दरबार किस समस्या का हल है,

क्षमा करके तू रस्ता दिखा,

तेरी मेहरबानी होवेगी,

हर रोती हुई आंख को हंसा,

तेरी मेहरबानी होवेगी ॥

रोग वाले रोगी ही मिलते हकीम से,

होक लाचार सब आते हैं यकीन से,

मेरे रोग वाली दवा तो बता,

तेरी मेहरबानी होवेगी,

हर रोती हुई आंख को हंसा,

तेरी मेहरबानी होवेगी ॥

मुझ जैसे पापी पे भी करते रहम हो,

तोड़ दे तू प्रेमियों का कोई भी वहम हो,

ज़रा ‘रोमी’ को भी जलवा दिखा,

तेरी मेहरबानी होवेगी,

हर रोती हुई आंख को हंसा,

तेरी मेहरबानी होवेगी ॥

हर रोती हुई आँख को हंसा,

तेरी मेहरबानी होवेगी,

हर हारे हुए प्रेमी को जीता,

॥ दोहा ॥

तेर मेहरबानी होवेगी ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।