हनुमत जय बजरंगबली

पारंपरिक
श्री राम भजन Bhajan Hanuman Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

हनुमत जय बजरंगबली,

आपका नाम जपा है जिसने,

विपदा उसकी टली,

पवनसुत जय बजरंगबली ॥

आपसे बढ़कर कौन है ज्ञानी,

आपसे बढ़कर कौन है दानी,

सारी सिद्धियाँ पास आपके,

भूत प्रेत सब दास आपके,

इसीलिए तो आपकी चर्चा,

इसीलिए तो आपकी चर्चा,

होती गली गली,

जय बजरंगबली,

पवनसुत जय बजरंगबली ॥

सियाराम के आप दुलारे,

सब देवों में आप है प्यारे,

आप पिता है आप ही माता,

हर प्राणी से आपका नाता,

सारे जग में हर एक मन में,

सारे जग में हर एक मन में,

आपकी ज्योति जली,

जय बजरंगबली,

पवनसुत जय बजरंगबली ॥

दुखियों के दुःख हरने वाले,

खाली झोली भरने वाले,

प्रभु आप है दया के सागर,

आपका मन करुणा का गागर,

दृष्टि आपकी जिसपे पड़ी है,

दृष्टि आपकी जिसपे पड़ी है,

नवनिधि उसको मिली,

जय बजरंगबली,

पवनसुत जय बजरंगबली ॥

हनुमत जय बजरंगबली,

आपका नाम जपा है जिसने,

विपदा उसकी टली,

॥ दोहा ॥

पवनसुत जय बजरंगबली ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।