हनुमान जी

संत सूरदास
श्री राम संत साहित्य Bhakt Hanuman Ji Bhakt
॥ पावन पाठ ॥

भक्तमालः हनुमान जी

वास्तविक नाम - हनुमान

अन्य नाम - मारुति, बजरंगबली, अंजनेय, पवनपुत्र, बालाजी

आराध्या - भगवान राम

गुरु - सूर्य देव

जन्म - (चैत्र शुक्ल पूर्णिमा) हनुमान जयंती

जन्म स्थान - किष्किंधा

वैवाहिक स्थिति - अविवाहित

आध्यात्मिक पिता - वायु

पिता - केसरी

माता - अंजना

भाषा - संस्कृत

प्रसिद्ध - हिंदू देवता

मंत्र - ॐ श्री हनुमते नमः

हनुमान जी प्रेम, करुणा, भक्ति, शक्ति और बुद्धिमत्ता के लिए जाने जाने वाले हिंदू देवता हैं, वे इस आस्था के सबसे व्यापक रूप से पूजे जाने वाले देवताओं में से एक हैं।

हनुमान जी हिंदू महाकाव्य रामायण के केंद्रीय पात्रों में से एक हैं। वह भगवान राम के प्रबल भक्त और चिरंजीवियों में से एक हैं। हनुमान को पवन देवता वायु का आध्यात्मिक पुत्र माना जाता है, जिन्होंने कई कहानियों में हनुमान के जन्म में प्रत्यक्ष भूमिका निभाई थी। हनुमान को भगवान शिव का आंशिक अवतार माना जाता है। हनुमान का उल्लेख कई अन्य ग्रंथों में किया गया है, जैसे महाकाव्य महाभारत और विभिन्न पुराण।

मंगलवार और शनिवार को भक्त हनुमान जी की पूजा करते देखे जाते हैं।

सरल हिंदी भावार्थ एवं आध्यात्मिक महत्व

हनुमान जी | Hanuman ji

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।