हमें गुरुदेव तेरा सहारा न मिलता

संत रविदास
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॥ पावन पाठ ॥

हमें गुरुदेव तेरा सहारा न मिलता ।

ये जीवन हमारा दुबारा न खिलता ॥

साँसों की सरगम मध्यम हुई थी ।

जीने की आशा भी धूमिल हुई थी ।

तेरे नाम का जो सहारा न मिलता ।

ये जीवन हमारा दुबारा न खिलता ॥

रिश्तों की चौखट पे ठोकर है खाई ।

अपने परायों की समझ भी न आई ।

सच्चा जो तेरा रिश्ता न मिलता ।

ये जीवन हमारा दुबारा न खिलता ॥

किस्मत की मौजों ने कश्ती डुबोयी ।

जब सब लुटा तो तेरी याद आई ।

अगर मेरी किश्ती को सहारा न मिलता ।

॥ दोहा ॥

ये जीवन हमारा दुबारा न खिलता ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।