हे नाम रे सबसे बड़ा तेरा नाम

पारंपरिक
श्री राम भजन Bhajan Maa Durga Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

काल के पंजे से माता बचाओ,

जय माँ अष्ट भवानी,

काल के पंजे से माता बचाओ,

जय माँ अष्ट भवानी ।

हे नाम रे सबसे बड़ा तेरा नाम,

ओ शेरोवाली,

ऊँचे डेरों वाली,

बिगड़े बना दे मेरे काम ॥

ऐसा कठिन पल,

ऐसे घडी है,

विपदा आन पड़ी है,

तू ही दिखा अब रास्ता,

ये दुनिया रस्ता रोके खड़ी है,

मेरा जीवन बना इक संग्राम,

ओ शेरोवाली,

ऊँचे डेरों वाली,

बिगड़े बना दे मेरे काम ॥

हे नाम रे सबसे बड़ा तेरा नाम,

ओ शेरोवाली,

ऊँचे डेरों वाली,

बिगड़े बना दे मेरे काम ॥

भक्तों को दुष्टों से छुड़ाए,

बुझती जोत जगाए,

जिसका नहीं है कोई जगत में,

तू उसकी बन जाए,

तीनो लोक करे तोहे प्रणाम,

ओ शेरोवाली,

ऊँचे डेरों वाली,

बिगड़े बना दे मेरे काम ॥

हे नाम रे सबसे बड़ा तेरा नाम,

ओ शेरोवाली,

ऊँचे डेरों वाली,

बिगड़े बना दे मेरे काम ॥

तू ही लेने वाली माता,

तू ही देने वाली,

तेरी जय जयकार करूँ मैं,

भारदे झोली खाली,

काम सफल हो मेरा,

दे ऐसा वरदान,

तेरे बल से हो जाये,

निर्बल भी बलवान ।

बिच भँवर मे डौल रही है,

पार लगा दे नैय्या,

जय जगदम्बे अष्टभवानी,

अम्बे गौरी मैय्या,

किसकी बलि चढ़ाउ तुझपे,

तू प्रसन्न हो जाए ।

दुश्मन थर-थर काँपे माँ,

जब तू गुस्से में आये ॥

काल के पंजे से माता बचाओ,

जय माँ अष्ट भवानी,

काल के पंजे से माता बचाओ,

जय माँ अष्ट भवानी ।

हे नाम रे सबसे बड़ा तेरा नाम,

ओ शेरोवाली,

ऊँचे डेरों वाली,

बिगड़े बना दे मेरे काम ॥

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इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।