हारा हूँ बाबा पर तुझपे भरोसा है

पूजा सखी
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॥ दोहा ॥

हारे का सहारा बाबा, तू ही लखदातार।
पूजा सखी के सिर पर, हाथ धरो करतार॥

॥ चौपाई ॥

हारा हूँ बाबा पर तुझपे भरोसा है।
जीतूंगा एक दिन ये दिल में हौसला है॥
हारा हूँ बाबा पर तुझपे भरोसा है॥

संसार के ताने सहते सहते थक गई मैं।
अपनों की बेरुखी से हर पल घुट गई मैं॥
तेरे सिवा बाबा मेरा कौन सहारा है।
हारा हूँ बाबा पर तुझपे भरोसा है॥

सुना है तेरे दर से कोई खाली नहीं जाता।
जो रोता हुआ आए वो हंसता हुआ जाता॥
मेरी भी सूनी झोली में खुशियां भर दो ना।
हारा हूँ बाबा पर तुझपे भरोसा है॥

पूजा सखी कहे खाटू वाले सुन लो पुकार मेरी।
डगमग डोले नैया कर दो संभाल मेरी॥
नीले के असवार का जब हाथ सिर पे है।
हारा हूँ बाबा पर तुझपे भरोसा है॥

॥ दोहा ॥

खाटू वाले श्याम प्रभु, राखहु मेरी लाज।
पूजा सखी शरण पड़ी, सिद्ध करो सब काज॥

सरल हिंदी भावार्थ एवं आध्यात्मिक महत्व

संसार से पराजित होकर खाटू श्याम बाबा के दरबार में अटूट आस्था और विश्वास की भावमयी पुकार।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।