हार गया हूँ बाबा, अब तो आके थाम रे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन Bhajan Shri Krishna Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

हार गया हूँ बाबा,

अब तो आके थाम रे,

सुन सांवरे हारे का सहारा,

तेरा नाम रे ॥

दर्दी के तूने बाबा,

दर्द मिटाए,

दुखड़े गिनाऊँ कितने,

जाए ना गिनाएं,

मैंने सुना है दर पे,

मैंने सुना है दर पे,

बनते बिगड़े काम रे,

सुन सांवरे हारे का सहारा,

तेरा नाम रे ॥

काहे करे तू ऐसे,

आँख मिचोली,

हालत पे दुनिया वाले,

करते है ठिठोली,

ले लो शरण में अपनी,

ले लो शरण में अपनी,

आया तेरे धाम रे,

सुन सांवरे हारे का सहारा,

तेरा नाम रे ॥

रोता जो आया उसको,

पल में हंसाया,

‘हर्ष’ दीवाने को क्यों,

तूने बिसराया,

तेरी दया से होगा,

तेरी दया से होगा,

अब तो आराम रे,

सुन सांवरे हारे का सहारा,

तेरा नाम रे ॥

हार गया हूँ बाबा,

अब तो आके थाम रे,

सुन सांवरे हारे का सहारा,

॥ दोहा ॥

तेरा नाम रे ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।