एकादशी पावन घड़ी, कीर्तन होय अनूप।
सांवरिया दर्शन दियो, मनमोहन स्वरूप॥
ग्यारस की रात बाबा की बात, कीर्तन में झूमे सारी रात।
आए हैं सांवरिया हमारे साथ, ग्यारस की रात बाबा की बात॥
अखंड ज्योत जली दरबार, महक रहा फूलों का हार।
भक्तों की टोली मस्तानी, गा रही श्याम की अमर कहानी॥
छम छम बाजे घुंघरू पाँव, झूम रहा सारा ये गाँव॥
ग्यारस की रात बाबा की बात॥
भोग लगे छप्पन पकवान, रीझे बाबा श्याम महान।
जो भी माँगे वो फल पावे, जीवन में कभी ना पछतावे॥
सारे कष्ट मिटाए पल में, ऐसी कृपा है इस जल में॥
ग्यारस की रात बाबा की बात॥
संजय मित्तल गाए संकीर्तन, पावन हो गया सबका तन-मन।
जय श्री श्याम के जयकारे, गूँज रहे हैं जग में सारे॥
ग्यारस की रात बाबा की बात, कीर्तन में झूमे सारी रात॥
ग्यारस की महिमा बड़ी, कीर्तन परम पुनीत।
संजय मित्तल गावती, सांवरिया के मीत॥