स्वामी ज्ञानवत्सल

पारंपरिक
विष्णु भगवान संत साहित्य Bhakt Swami Gyanvatsal Bhakt
॥ पावन पाठ ॥

भक्तमाल | स्वामी ज्ञानवत्सल

असली नाम - रक्षित रावल

अन्य नाम - श्री स्वामीजी

गुरु - प्रमुख स्वामी महाराज

आराध्य - स्वामी नारायण

जन्म- 12 नवंबर 1958

जन्म स्थान - वल्लभ विद्यानगर, आणंद, गुजरात

वैवाहिक स्थिति - अविवाहित

भाषा - अंग्रेजी, संस्कृत, गुजराती और हिंदी

व्यवसाय - संत, प्रेरक वक्ता, समाजसेवी

ज्ञानवत्सल स्वामी को BAPS (बोचासनवासी अक्षर पुरुषोत्तम) संस्था के गुरु के रूप में मान्यता प्राप्त है। स्वामी महाराज एक बहुत ही प्रतिभाशाली प्रेरक वक्ता और समाज सुधारक हैं और उनकी अंग्रेजी बोलने की तकनीक बहुत ही अद्भुत है।

BAPS एक सामाजिक संगठन है जो लोगों के विकास को बढ़ावा देकर समाज को बेहतर बनाता है। ज्ञानवत्सला स्वामी स्वामीनाथन मंदिर (स्वामीनाथन मंदिर) के एक प्रेरक पीठासीन देवता हैं। BAPS स्वामीनारायण संस्था एक आध्यात्मिक (आध्यात्मिक), स्वयंसेवी-संस्कृत संगठन है, जो विश्वास, एकता और निःस्वार्थ सेवा के हिंदू आदर्शों को बढ़ावा देकर समाज को बेहतर बनाने के लिए समर्पित है।

सरल हिंदी भावार्थ एवं आध्यात्मिक महत्व

स्वामी ज्ञानवत्सल | Swami Gyanvatsal

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।