ग्यारस की रात आई खाटू में धूम मचाई

पूजा सखी
अन्य भजन भजन पूजा सखी
॥ दोहा ॥

एकादशी पावन तिथि, खाटू उत्सव भारी।
पूजा सखी दर्शन करे, जय जय लखदातारी॥

॥ चौपाई ॥

ग्यारस की रात आई, खाटू में धूम मचाई।
सज गया श्याम का दरबार, खुशियां चहुं ओर छाई॥
ग्यारस की रात आई॥

लाखों भक्त चले हैं खाटू, हाथों में निशान लिए।
बाबा श्याम के दर्शन की, मन में अरमान लिए॥
नीले के असवार की, जय जयकार लगाई।
ग्यारस की रात आई, खाटू में धूम मचाई॥

इत्र की खुशबू महके, फूल बंगला सजाया है।
छप्पन भोग लगाके, बाबा को रिझाया है॥
मोरछड़ी का झाड़ा पाके, सोई तकदीर जगाई।
ग्यारस की रात आई, खाटू में धूम मचाई॥

पूजा सखी गावे भजन, श्याम प्रभु के चरणों में।
सबके संकट हरते हैं, जो आएं शरणों में॥
हारे का सहारा बाबा, महिमा अपरम्पार पाई।
ग्यारस की रात आई, खाटू में धूम मचाई॥

॥ दोहा ॥

एकादशी का यह पर्व, भक्तन मन आनंद।
पूजा सखी वंदन करे, जय खाटू के चंद॥

सरल हिंदी भावार्थ एवं आध्यात्मिक महत्व

खाटू धाम में एकादशी (ग्यारस) के पावन जागरण और निशान यात्रा के अलौकिक उत्सव का उल्लासमय गान।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।