गुरु शिव को बना लीजिए: शिव भजन

पारंपरिक
महादेव भजन Bhajan Shiv Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

गुरु शिव को बना लीजिए,

भक्ति से घर सजा लीजिये ॥

कर नहीं है तो लाचार है,

है तो ताली बजा दीजिये ।

गुरु शिव को बना लीजिये,

भक्ति से घर सजा लीजिये ॥

गुरु सेवा से ही ज्ञान का,

ज्योति दिल में जला लीजिये ।

गुरु शिव को बना लीजिये,

भक्ति से घर सजा लीजिये ॥

शिष्य बनने से जो कुछ मिला,

दुसरो को बता दीजिए ।

गुरु शिव को बना लीजिये,

भक्ति से घर सजा लीजिये ॥

गुरु शिव से न अच्छे कोई,

अगर हो तो बता दीजिए ।

गुरु शिव को बना लीजिये,

भक्ति से घर सजा लीजिये ॥

कर नहीं है तो लाचार है,

है तो ताली बजा दीजिये ।

गुरु शिव को बना लीजिये,

भक्ति से घर सजा लीजिये ॥

गुरु शिव को बना लीजिए,

॥ दोहा ॥

भक्ति से घर सजा लीजिये ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।