॥ दोहा ॥
गोविंद बोलो हरि गोपाल बोलो।
राधा रमण हरि गोविंद बोलो॥
॥ चौपाई ॥
गोविंद बोलो हरि गोपाल बोलो।
राधा रमण हरि गोविंद बोलो॥
मुरली मनोहर नंदलाला बोलो।
यमुना तट पर रास रचैया बोलो॥
गोविंद बोलो हरि गोपाल बोलो...
माखन चोर यशोदा नंदन बोलो।
भक्तों के संकट हरण करने वाले बोलो॥
गोविंद बोलो हरि गोपाल बोलो...
॥ दोहा ॥
श्री कृष्ण गोविंद हरे मुरारी। हे नाथ नारायण वासुदेवा॥