घनश्याम तुम ना आये, जीवन ये बीता जाये

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन Bhajan Shri Krishna Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

घनश्याम तुम ना आये,

जीवन ये बीता जाये ॥

तेरा वियोग प्यारे,

अब तो सहा ना जाये,

एक बार आ भी जाओ,

बैठे हो क्यो छिपाये,

घनश्याम तुम ना आए,

जीवन ये बीता जाये ॥

मैं ढूढ़ती थी दर दर,

पर तुम नजर ना आये,

मुझे क्या पता था मेरे,

इस दिल में हो समाये

घनश्याम तुम ना आए,

जीवन ये बीता जाये ॥

जीवन की संध्या बेला,

अब आ चुकी हैं प्रीतम,

उस वक़्त आ भी जाना,

जब प्राण तन से जाये,

घनश्याम तुम ना आए,

जीवन ये बीता जाये ॥

घनश्याम तुम ना आये,

जीवन ये बीता जाये ॥

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इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।