गौतम बुद्ध

पारंपरिक
विष्णु भगवान संत साहित्य Bhakt Gautam Buddha Bhakt
॥ पावन पाठ ॥

भक्तमाल | गौतम बुद्ध

वास्तविक नाम - सिद्धार्थ गौतम

अन्य नाम - बुद्ध, शाक्यमुनि

गुरु - अलारा कलामा

जन्म - 564 ई.पू (वैशाख शुक्ल पूर्णिमा)

जन्म स्थान - लुंबिनी प्रांत, नेपाल

वैवाहिक स्थिति - विवाहित

भाषा - मागधी प्राकृत

पिता- शुद्धोधन

माता - माया देवी

पत्नी - यशोधरा

संस्थापक - बौद्ध धर्म

प्रसिद्ध - आध्यात्मिक नेता, दार्शनिक, भिक्षुक, ध्यानी

गौतम बुद्ध महान आध्यात्मिक नेता, दार्शनिक, भिक्षुक, ध्यानी और धार्मिक नेता थे उनका का जन्म एक राजकुमार के रूप में हुआ था। लेकिन विलासितापूर्ण जीवनशैली उन्हें ज्यादा आकर्षित नहीं कर पाई। बौद्ध किसी भी प्रकार के देवी-देवता में विश्वास नहीं करते हैं। कुछ हिंदू ग्रंथ बुद्ध को भगवान विष्णु का अवतार मानते हैं।

गौतम बुद्ध बौद्ध धर्म के प्रतिष्ठाता हैं। गौतम बुद्ध ने सिखाया कि दुख आसक्ति और इच्छा के कारण होता है, और दुख को समाप्त करने का तरीका अष्टांगिक मार्ग का पालन करना है। अष्टांगिक मार्ग नैतिक और नैतिक जीवन जीने के लिए दिशानिर्देशों का एक समूह है। बौद्ध धर्म कई अलग-अलग स्कूलों और परंपराओं वाला एक विविध धर्म है। हालाँकि, सभी बौद्धों का लक्ष्य आत्मज्ञान या निर्वाण प्राप्त करना है। आत्मज्ञान दुख से मुक्त, पूर्ण शांति और खुशी की स्थिति है।

बौद्ध धर्म दुनिया के प्रमुख धर्मों में से एक है, जिसके 500 मिलियन से अधिक अनुयायी हैं। यह भारत, चीन, जापान और दक्षिण पूर्व एशिया सहित दुनिया भर के कई देशों में प्रचलित है।

सरल हिंदी भावार्थ एवं आध्यात्मिक महत्व

गौतम बुद्ध | Gautam Buddha

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।