गौरी नंदन तेरा वंदन, करता है संसार

पारंपरिक
श्री गणेश भजन Bhajan Vighneswaray Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

गौरी नंदन तेरा वंदन,

करता है संसार,

तुझे सब प्रथम मनाते,

प्रेम से तुझे बुलाते,

गौरी नन्दन तेरा वंदन,

करता है संसार ॥

मात पिता से तुमने,

ये वर पाया,

इसलिए सारे जग ने,

प्रथम मनाया,

मंगल काज में पड़ती है,

पहले तेरी दरकार,

तुझे सब प्रथम मनाते,

प्रेम से तुझे बुलाते,

गौरी नन्दन तेरा वंदन,

करता है संसार ॥

एकदन्त दयावन्त,

चारभुजा धारी,

मुस की सवारी तेरी,

लगती है प्यारी,

शुभ और लाभ के,

तुम हो दाता,

रिद्धि सिद्धि के भरतार,

तुझे सब प्रथम मनाते,

प्रेम से तुझे बुलाते,

गौरी नन्दन तेरा वंदन,

करता है संसार ॥

लड्डुवन थाल जो भी,

भोग लगाते,

उन भक्तों से बप्पा,

खुश हो जाते,

‘श्याम’ कहे इसके बदले में,

भर देते भंडार,

तुझे सब प्रथम मनाते,

प्रेम से तुझे बुलाते,

गौरी नन्दन तेरा वंदन,

करता है संसार ॥

गौरी नंदन तेरा वंदन,

करता है संसार,

तुझे सब प्रथम मनाते,

प्रेम से तुझे बुलाते,

गौरी नन्दन तेरा वंदन,

॥ दोहा ॥

करता है संसार ॥

सरल हिंदी भावार्थ एवं आध्यात्मिक महत्व

भजन: गौरी नंदन तेरा वंदन, करता है संसार | Bhajan: Gauri Nandan Tera Vandan Karta Hai Sansar Lyrics Hindi Aur English Main

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।