गौरी के लाल तुमको, सादर नमन हमारा

पारंपरिक
महादेव भजन Bhajan Vighneswaray Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

गौरी के लाल तुमको,

सादर नमन हमारा,

गौरी के लाल तुमकों,

सादर नमन हमारा,

हर काम से मैं पहले,

सुमिरण करूँ तुम्हारा,

गौरी के लाल तुमकों,

सादर नमन हमारा ॥

हो लाड़ले उमा के,

शिव जी के हो दुलारे,

संग रिद्धि सिद्धि देवी,

रहती सदा तुम्हारे,

सेवक है प्रिय मूषक,

सेवक है प्रिय मूषक,

वाहन प्रभु तुम्हारा,

गौरी के लाल तुमकों,

सादर नमन हमारा ॥

हो चार भुजा धारी,

भारी विशाल काया,

पुष्पों की गले माला,

सिंदूर तिलक भाया,

मोदक है सबसे प्यारा,

मोदक है सबसे प्यारा,

भोजन प्रभु तुम्हारा,

गौरी के लाल तुमकों,

सादर नमन हमारा ॥

कही वक्रतुण्ड हो तुम,

कही अर्ध चंद्र धारी,

कोई एकदन्त कहता,

कोई बोले विघ्नहारी,

किस नाम से प्रभु जी,

किस नाम से प्रभु जी,

गौरी के लाल तुमकों,

सादर नमन हमारा ॥

लम्बोदरा तुम्ही हो,

तुम्ही गजकर्ण हो प्यारे,

चमके करोड़ो सूरज,

प्रभु तेज से तुम्हारे,

जिस नाम से पुकारूँ,

जिस नाम से पुकारूँ,

देना प्रभु सहारा,

गौरी के लाल तुमकों,

सादर नमन हमारा ॥

कहती है दुनिया तुमको,

शुभ कार्य करने वाले,

नादान इस ‘अमर’ को,

दो ज्ञान के उजाले,

आकर के हे गजानन,

आकर के हे गजानन,

मेटो विघन हमारा,

गौरी के लाल तुमकों,

सादर नमन हमारा ॥

गौरी के लाल तुमको,

सादर नमन हमारा,

गौरी के लाल तुमकों,

सादर नमन हमारा,

हर काम से मैं पहले,

सुमिरण करूँ तुम्हारा,

गौरी के लाल तुमकों,

॥ दोहा ॥

सादर नमन हमारा ॥

सरल हिंदी भावार्थ एवं आध्यात्मिक महत्व

भजन: गौरी के लाल तुमको, सादर नमन हमारा | Bhajan: Gauri Ke Lal Tumko Sadar Naman Hamara Lyrics Hindi Aur English Main

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।