गौरी के लाल सुनो

पारंपरिक
महादेव भजन Bhajan Vighneswaray Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

गौरी के लाल सुनो,

की कबसे तुझे याद करे,

कीर्तन में आ जाओ,

हाय कीर्तन में आ जाओ,

ये तुमसे फरियाद करे,

गौरी के लाल सुनो,

की कबसे तुझे याद करे ॥

तुझको मनाऊँ देवा,

कबसे बुलाऊँ,

अपनी पलके बिछाऊँ,

अब तो आजा,

गिरिजा के प्यारे,

बाबा शिव के दुलारे,

आजा तुझको

पुकारे गणराजा,

तुम बिन कौन बता,

जो आके पुरे काज करे,

गौरी के लाल सुनों,

की कबसे तुझे याद करे ॥

किरपा दिखा दे,

सारे विघ्न हटा दे,

हमको दर्शन दिखा दे,

मेरे दाता,

आँगन बुहारूँ,

तेरा रस्ता निहारूँ,

तोसे अर्जी गुजारु,

ओ विधाता,

दूजा ना तेरे सिवा,

जो सर पे मेरे हाथ धरे,

गौरी के लाल सुनों,

की कबसे तुझे याद करे ॥

घर को सजा के,

देवा आँगन महका के,

तेरी ज्योत जगा के,

हम बुलाएँ,

नारियल चढ़ा के,

तेरे भोग लगा के,

तेरी महिमा को,

गाके हम सुनाए,

‘हर्ष’ ना देरी करो,

विनती ये तेरा दास करे,

गौरी के लाल सुनों,

की कबसे तुझे याद करे ॥

गौरी के लाल सुनो,

की कबसे तुझे याद करे,

कीर्तन में आ जाओ,

हाय कीर्तन में आ जाओ,

ये तुमसे फरियाद करे,

गौरी के लाल सुनो,

॥ दोहा ॥

की कबसे तुझे याद करे ॥

सरल हिंदी भावार्थ एवं आध्यात्मिक महत्व

भजन: गौरी के लाल सुनो | Bhajan: Gauri Ke Lal Suno Ke Lyrics Hindi Aur English Main

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।