गौरी गणेश मनाऊँ आज सुध लीजे हमारी

पारंपरिक
श्री गणेश भजन Bhajan Gajanan Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

गौरी गणेश मनाऊँ,

आज सुध लीजे हमारी,

गौरी गणेश मनाऊँ,

आज सुध लीजे हमारी ।

सुरहिन गैया को गोबर मनागौं,

दिग धर अगना लीपाऊं,

आज सुध लीजे हमारी ।

गौरी गणेश मनाऊँ,

आज सुध लीजे हमारी,

गौरी गणेश मनाऊँ,

आज सुध लीजे हमारी ।

गंगा जल स्नान कराऊँ,

पीताम्बर पहनाऊं,

आज सुध लीजे हमारी ।

गौरी गणेश मनाऊँ,

आज सुध लीजे हमारी,

गौरी गणेश मनाऊँ,

आज सुध लीजे हमारी ।

हरी हरी दूब मैं खूब चढ़ाऊँ,

चन्दन घोल लगाऊं,

आज सुध लीजे हमारी ।

गौरी गणेश मनाऊँ,

आज सुध लीजे हमारी,

गौरी गणेश मनाऊँ,

आज सुध लीजे हमारी ।

पहली पूजा करूँ तुम्हारी,

लड्डू भोग लगाऊं,

आज सुध लीजे हमारी ।

गौरी गणेश मनाऊँ,

आज सुध लीजे हमारी,

गौरी गणेश मनाऊँ,

आज सुध लीजे हमारी ।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।