गौरांग दास प्रभु

पारंपरिक
श्री कृष्ण संत साहित्य Bhakt Gauranga Dasa Bhakt
॥ पावन पाठ ॥

भक्तमाल | गौरांग दास प्रभु

अन्य नाम - एचजी गौरांग दास

गुरु - परम पूज्य राधानाथ स्वामी

आराध्य - भगवान कृष्ण

जन्मतिथि - 8 जुलाई

जन्म स्थान - भिलाई, बिहार

वैवाहिक स्थिति - अविवाहित

भाषा - अंग्रेजी, हिंदी

शिक्षा - बीटेक आईआईटी बॉम्बे

प्रसिद्ध - आध्यात्मिक गुरु, इस्कॉन मुंबई, महाराष्ट्र के प्रभागीय निदेशक

गौरांग दास आईआईटी बॉम्बे से बी.टेक स्नातक हैं और इस्कॉन संगठन में राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर विभिन्न पदों पर कार्यरत हैं।

वह संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन (यूएनडब्ल्यूटीओ) पुरस्कार विजेता इको-विलेज समुदाय, गोवर्धन इकोविलेज के निदेशक और इस्कॉन चौपाटी मंदिर के सह-अध्यक्ष हैं। वह भक्तिवेदांत अनुसंधान केंद्र (बीआरसी), कोलकाता के ट्रस्टी और प्रशासनिक निदेशक के रूप में भी कार्यरत हैं।

वह एक प्रेरणादायक वक्ता हैं क्योंकि वैदिक ज्ञान को समसामयिक और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करने की अपनी विशेषज्ञता से वह आध्यात्मिकता को सभी के लिए सुलभ बना रहे हैं। उन्होंने विभिन्न सम्मेलनों में एक वक्ता के रूप में इस्कॉन का प्रतिनिधित्व किया है और पिछले दो दशकों में श्रीमद्भागवतम, भगवद गीता और अन्य ग्रंथों पर 10,000 से अधिक प्रवचन दिए हैं।

सरल हिंदी भावार्थ एवं आध्यात्मिक महत्व

गौरांग दास प्रभु | Gaurang Das Prabhu

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।