॥ पावन पाठ ॥
गणपति बाप्पा हरलो भक्तो की पीर,
हर वरस आएंगे वो सागर के तीर,
गणपति बाप्पा हरलो भक्तो की पीर ॥
रिद्धि सीधी के दाता हो तुम्ही विद्याता,
तुम ही गुरु सखा तुम पितु माता,
तेरी विदाई है प्रभु उड़े है अभीर ,
हर वरस आएंगे वो सागर के तीर,
गणपति बाप्पा हरलो भक्तो की पीर ॥
SantoKiVani Lyrics
तुम ही सहारा देवा तू ही हो आशा,
पूजा भी ना जाने हम हरलो निराशा,
होठो पे प्यास है आँखों में नीर,
हर वरस आएंगे वो सागर के तीर,
॥ दोहा ॥
गणपति बाप्पा हरलो भक्तो की पीर ॥