गजाननं भूत गणादि सेवितं - गणेश मंत्र

पारंपरिक
श्री गणेश मंत्र Mantra Shri Ganesh Mantra
॥ पावन पाठ ॥

गजाननं भूत गणादि सेवितं,

कपित्थ जम्बू फल चारू भक्षणम् ।

उमासुतं शोक विनाशकारकम्,

नमामि विघ्नेश्वर पाद पंकजम् ॥

मंत्र का मूल रूप:

गजाननं भूतगणाधिसेवितं,

कपित्थजम्बूफलचारुभक्षणम् ।

उमासुतं शोकविनाशकारकम्न,

॥ दोहा ॥

मामि विघ्नेश्वरपादपङ्कजम् ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।