माला फेरत जुग भया, फिरा न मन का फेर।
कर का मनका डारि दे, मन का मनका फेर॥
जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥
एक दंत दयावंत चार भुजाधारी।
माथे पर तिलक सोहे मूसे की सवारी॥
ज्योति स्वरूप अखंड तुम्हारा, जग का पालनहार दुलारा।
अंधकार से मुक्ति दीजो, प्रभु तुम प्राण अधारा॥
जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥
एक दंत दयावंत चार भुजाधारी।
माथे पर तिलक सोहे मूसे की सवारी॥
मीरा के प्रभु गिरधर नागर, हरहु कलेश हमार।
चरण कँवल की दासी मीरा, तारो भवजल पार॥