दुःख में सुमिरन सब करे, सुख में करै न कोय।
जो सुख में सुमिरन करे, दुःख काहे को hoy॥
जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥
एक दंत दयावंत चार भुजाधारी।
माथे पर तिलक सोहे मूसे की सवारी॥
प्रभु जी तुम चंदन हम पानी, जाकी अंग अंग बास समानी।
तुम घन बन हम मोरा, जैसे चितवत चंद चकोरा॥
जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥
एक दंत दयावंत चार भुजाधारी।
माथे पर तिलक सोहे मूसे की सवारी॥
मीरा के प्रभु गिरधर नागर, हरहु कलेश हमार।
चरण कँवल की दासी मीरा, तारो भवजल पार॥