गजानन चरण कमल रज दीजे

पारंपरिक
श्री गणेश भजन Bhajan Vighneswaray Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

गजानन चरण कमल रज दीजे,

गजानन चरण कमल रज दीजें ॥

तुम्हरी कृपा मिलत अविनाशी,

भव बंधन कट जासी,

जग में नहीं है सहारा जिनको,

उनको सहारा दीजे,

गजानन चरण कमल रज दीजें ॥

यह संसार माया की मूरत,

पग पग तम उदघाटी,

कोय नहीं है जग में तुम सम,

पार उतारन हारी,

कृपा करो हे गजानन मुझ पर,

विद्यारस भर दीजे,

गजानन चरण कमल रज दीजें ॥

गजानन चरण कमल रज दीजे,

॥ दोहा ॥

गजानन चरण कमल रज दीजें ॥

सरल हिंदी भावार्थ एवं आध्यात्मिक महत्व

भजन: गजानन चरण कमल रज दीजे | Bhajan: Gajanan Charan Kamal Raj Dije Ke Lyrics Hindi Aur English Main

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।