गाइये गणपति सुबहो शाम

पारंपरिक
श्री गणेश भजन Bhajan Vighneswaray Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

गाइये गणपति सुबहो शाम,

मंगलमूर्ति मंगलकारी,

पावनकारी तेरो नाम,

गाइये गणपति सुबहों शाम ॥

रिद्धि सिद्धि के तुम ही ज्ञाता,

तुम ही देते विद्या ज्ञान,

भक्तजनों के तुम ही ध्याता,

जग सारा है तेरा धाम,

गाइये गणपति सुबहों शाम ॥

तेरी शरण में जो भी आया,

पाए जग में शीतल छाया,

सारा जग है तेरी माया,

सफल करता तू सब काम,

गाइये गणपति सुबहों शाम ॥

गाइये गणपति सुबहो शाम,

मंगलमूर्ति मंगलकारी,

पावनकारी तेरो नाम,

॥ दोहा ॥

गाइये गणपति सुबहों शाम ॥

सरल हिंदी भावार्थ एवं आध्यात्मिक महत्व

भजन: गाइये गणपति सुबहो शाम | Bhajan: Gaiye Ganpati Subaho Shaam Ke Lyrics Hindi Aur English Main

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।