एक तमन्ना माँ है मेरी

संत सूरदास
माता दुर्गा भजन Bhajan Maa Durga Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

एक तमन्ना माँ है मेरी,

दिल में बसा लूँ सूरत तेरी,

हर पल उसी को निहारा करूँ,

हर पल उसी को निहारा करूँ,

मैया मैया मुख से उचारा करूँ ॥

रोज सवेरे उठ कर मैया,

तुझको शीश नवाउँ मैं,

प्रेम भाव से भांति भांति का,

नित श्रृंगार सजाउँ मैं,

हाथो से आरती उतारा करूँ,

मैया मैया मुख से उचारा करूँ ॥

इस तन से जो काम करूँ मैं,

सब कुछ तुझको अर्पित हो,

खाऊं जो प्रशाद हो तेरा,

पीऊं वो चरणामृत हो,

आँखों से दर्शन तुम्हारा करूँ,

मैया मैया मुख से उचारा करूँ ॥

‘बिन्नू’ की विनती माँ तुमसे,

इतनी किरपा कर देना,

चरणों की सेवा मिल जाए,

इससे बढ़कर क्या लेना,

असुवन से इनको पखारा करूँ,

मैया मैया मुख से उचारा करूँ ॥

एक तमन्ना माँ है मेरी,

दिल में बसा लूँ सूरत तेरी,

हर पल उसी को निहारा करूँ,

हर पल उसी को निहारा करूँ,

मैया मैया मुख से उचारा करूँ ॥

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इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।