एक नज़र बस एक नज़र, हम पे मोहन वार दे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन Bhajan Shri Krishna Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

एक नज़र बस एक नज़र,

हम पे मोहन वार दे,

ज़िन्दगी की डगमगाती,

मेरी नैया तार दे ॥

स्वांस की हर तार पर,

कृष्ण तेरा नाम है,

मैं जिधर देखु तुझे,

तू ही तू घनश्याम है,

इस जगत के तू बंधनो से,

तू हमे उद्धार दे,

एक नजर बस एक नजर,

हम पे मोहन वार दे,

ज़िन्दगी की डगमगाती,

मेरी नैया तार दे ॥

हर समय चिंतन तुम्हारा,

हर समय तेरा भजन,

खोजते रहते है तुमको,

हर पहर मेरे नयन,

और ना प्रभु देर कर तू,

हमको तू दीदार दे,

एक नजर बस एक नजर,

हम पे मोहन वार दे,

ज़िन्दगी की डगमगाती,

मेरी नैया तार दे ॥

मै पुजारी हूँ तुम्हारा,

जन्मो जन्मो तक रहूं,

इस जगत के बंधनों में,

ना कभी फस कर गिरू,

मै रहू बन कर तुम्हारा,

ऐसा वर सरकार दे,

एक नजर बस एक नजर,

हम पे मोहन वार दे,

ज़िन्दगी की डगमगाती,

मेरी नैया तार दे ॥

तू दिखादे सांवरी

सूरत हमे ओ सांवरे,

खोजते रहते है तूझको,

मेरे नैना बाबरे,

कब तलक तरसेगा ‘राजेन्द्र’

तू हमे दिदार दे,

एक नजर बस एक नजर,

हम पे मोहन वार दे,

ज़िन्दगी की डगमगाती,

मेरी नैया तार दे ॥

एक नज़र बस एक नज़र,

हम पे मोहन वार दे,

ज़िन्दगी की डगमगाती,

मेरी नैया तार दे ॥

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इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।