द्वार पे गुरुदेव के हम आगए

संत रविदास
विष्णु भगवान भजन Bhajan Bishnoi Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

द्वार पे गुरुदेव के हम आ गए ।

ज्योति में दर्शन गुरु का पा गए ॥

देखलो हमको भला दर्शन हुआ ।

प्रेम हिरदे में मगन प्रसन्न हुआ ॥

हर तरफ आनन्द ही आनन्द छा गए ।

ज्योति में दर्शन गुरु का पा गए ॥

भाव श्रद्धा के सुमन अर्पण करें ।

रात दिन हरि हरि सुमरण करें ॥

मंत्र सतगुरुजी हमें बतला गए ।

॥ दोहा ॥

ज्योति में दर्शन गुरु का पा गए ॥

सरल हिंदी भावार्थ एवं आध्यात्मिक महत्व

भजन: द्वार पे गुरुदेव के हम आगए | Bishnoi Samaj Bhajan Dwar Pe Gurudev Ke Ham Aagaye Ke Lyrics Hindi Main

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।