दुर्गे महाँ रानी नमो नमो

पारंपरिक
हनुमान जी भजन Bhajan Maa Durga Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

दुर्गे महाँ रानी नमो नमो

दुर्गे, महाँ रानी, नमो नमो ।

अम्बे, महाँ रानी, नमो नमो ।

दुर्गे, महाँ रानी, नमो नमो ॥

मेरी, मात भवानी, नमो नमो ।

दुर्गे, महाँ रानी, नमो नमो...

जगमग, जगमग, ज्योत तुम्हारी ।

अष्ट, भुजी माँ, शेर स्वारी ॥

माँ, बिगड़ी बनाती, नमो नमो ।

दुर्गे, महाँ रानी, नमो नमो...

मईया, के सिर पे, मुकुट विराजे ।

तेरे, भवन में, घंटा बाजै ॥

भक्तों, की प्यारी, नमो नमो ।

दुर्गे, महाँ रानी, नमो नमो...

ब्रह्म, विष्णु, तेरे गुण गाए ।

बजरंग, भैरव, शरण में आए ॥

माँ, शरण तारणी, नमो नमो ।

दुर्गे, महाँ रानी, नमो नमो...

ज्ञान, ध्यान, बुद्धि की दाता ।

बैठो, कण्ठ, सरस्वती माता ॥

माँ, वीणा वादिनी, नमो नमो ।

दुर्गे, महाँ रानी, नमो नमो...

संतो की वाणी लिरिक्स

ऋषि, मुनि सब, करें तेरी भक्ति ।

आदि, अंत तूँ, ही माँ शक्ति ॥

माँ, शिव पटराणी, नमो नमो ।

माँ, पालन हारनी, नमो नमो ।

माँ, वेद बख़ानी, नमो नमो ।

माँ, वीणा वादिनी, नमो नमो ।

माँ, शरण तारणी, नमो नमो ।

दुर्गे, महाँ रानी, नमो नमो...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।