श्रीदुर्गा षोडशनामस्तोत्रम्

पारंपरिक
श्री राम स्तोत्र Mantra Shri Durga Mantra
॥ दोहा ॥

॥ श्रीदुर्गा षोडशनामस्तोत्रम् ॥

॥ चौपाई ॥

सर्वाख्यानं श्रुतंब्रह्मन्नतीव परमाद्भुतम्

अधुना श्रोतुमिच्छामिदुर्गोपाख्यानमुत्तमम्॥1॥

दुर्गा नारायणीशानाविष्णुमाया शिवा सती

नित्या सत्या भगवतीशर्वाणी सर्वमङ्गला॥2॥

अम्बिका वैष्णवी गौरीपार्वती च सनातनी

नामानि कौथुमोक्तानिसर्वेषां शुभदानि च॥3॥

अर्थं षोडशनाम्नां चसर्वेषामीप्सितं वरम्

ब्रूहि वेदविदां श्रेष्ठवेदोक्तं सर्वसम्मतम्॥4॥

॥ इति श्रीब्रह्मवैवर्ते महापुराणे प्रकृतिखण्डे सप्तपञ्चाशत्तमोऽध्याये

॥ दोहा ॥

श्री दुर्गा षोडशनाम स्तोत्रं सम्पूर्णम् ॥

सरल हिंदी भावार्थ एवं आध्यात्मिक महत्व

सर्वाख्यानं श्रुतंब्रह्मन्नतीव परमाद्भुतम्अ, धुना श्रोतुमिच्छामिदुर्गोपाख्यानमुत्तमम्॥1॥ Sarvakhyanam ShrutamBrahmannativa Paramadbhutam, Adhuna ShrotumichchhamiDurgopakhyanamuttamam॥1॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।