दुख हर्ता बनके, सुखकर्ता बनके, चले आना

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन Bhajan Gajanan Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

दुखहर्ता बनके,

सुखकर्ता बनके,

चले आना,

गणपति चले आना ॥

तुम विघ्न विनाशक आना,

तुम विघ्न विनाशक आना,

इक्छा पूरी करो,

हाथ सर पे धरो,

चले आना,

गणपति चले आना,

दुख हर्ता बनके,

सुखकर्ता बनके,

चले आना,

गणपति चले आना ॥

तुम अष्टविनायक आना,

तुम अष्टविनायक आना,

मोदक हाथ लेके,

खुशियां साथ लेके,

चले आना,

गणपति चले आना,

दुख हर्ता बनके,

सुखकर्ता बनके,

चले आना,

गणपति चले आना ॥

तुम भाग्य विधाता आना,

तुम भाग्य विधाता आना,

रिद्धि साथ लेके,

सिद्धि साथ लेके,

चले आना,

गणपति चले आना,

दुख हर्ता बनके,

सुखकर्ता बनके,

चले आना,

गणपति चले आना ॥

तुम गौरी नन्दन आना,

तुम गौरी नन्दन आना,

वर्षा दया की करो,

दुःख सबके हरो,

चले आना,

गणपति चले आना,

दुखहर्ता बनके,

सुखकर्ता बनके,

चले आना,

गणपति चले आना ॥

तुम मंगल मूरत आना,

तुम मंगल मूरत आना,

आस तोड़े नहीं,

साथ छोड़ो नहीं,

चले आना,

गणपति चले आना,

दुखहर्ता बनके,

सुखकर्ता बनके,

चले आना,

गणपति चले आना ॥

आरती गणपती की | आओ जी गजानन आओ | श्री सिद्धिविनायक तेरी आरती गाऊं | गणपती बप्पा मोरया | श्री सिद्धिविनायक नमः

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।