दिल की हर धड़कन से तेरा नाम निकलता है

संजय मित्तल
अन्य भजन भजन संजय मित्तल
॥ दोहा ॥

श्याम नाम की मोहिनी, ऐसी लागी मोय।
सांस सांस में सांवरो, बिसरे सब जग कोय॥

॥ चौपाई ॥

दिल की हर धड़कन से तेरा नाम निकलता है।
खाटू वाले श्याम तू ही तो मेरा संभलता है॥
दिल की हर धड़कन से तेरा नाम निकलता है॥

जब आँखें बंद करूँ मैं, सूरत तेरी दिखती है।
मेरी हर एक साँस सांवरिया, नाम तेरा लिखती है॥
तेरे प्रेम की ज्योति से, ये जीवन जलता है।
खाटू वाले श्याम तू ही तो मेरा संभलता है॥

तूने दिया है जो कुछ मुझको, कोई दे नहीं सकता।
तेरी कृपा का कर्ज़ सांवरिया, कोई उतार नहीं सकता॥
तेरी दया से ही तो मेरा, हर दिन ढलता है।
दिल की हर धड़कन से तेरा नाम निकलता है॥

संजय मित्तल गाए तराने, तेरे ही गुणगान के।
रखना लाज हमेशा बाबा, अपने इस नादान के॥
दिल की हर धड़कन से तेरा नाम निकलता है॥

॥ दोहा ॥

हृदय कमल में श्याम बसे, रोम रोम ओंकार।
संजय मित्तल वंदना, कीजे अंगीकार॥

सरल हिंदी भावार्थ एवं आध्यात्मिक महत्व

संजय मित्तल जी द्वारा गाया गया यह भजन श्याम प्रेम की उस पराकाष्ठा को दर्शाता है जहाँ भक्त की प्रत्येक साँस और हृदय स्पंदन केवल बाबा श्याम के नाम का स्मरण करता है।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।