श्याम नाम की मोहिनी, ऐसी लागी मोय।
सांस सांस में सांवरो, बिसरे सब जग कोय॥
दिल की हर धड़कन से तेरा नाम निकलता है।
खाटू वाले श्याम तू ही तो मेरा संभलता है॥
दिल की हर धड़कन से तेरा नाम निकलता है॥
जब आँखें बंद करूँ मैं, सूरत तेरी दिखती है।
मेरी हर एक साँस सांवरिया, नाम तेरा लिखती है॥
तेरे प्रेम की ज्योति से, ये जीवन जलता है।
खाटू वाले श्याम तू ही तो मेरा संभलता है॥
तूने दिया है जो कुछ मुझको, कोई दे नहीं सकता।
तेरी कृपा का कर्ज़ सांवरिया, कोई उतार नहीं सकता॥
तेरी दया से ही तो मेरा, हर दिन ढलता है।
दिल की हर धड़कन से तेरा नाम निकलता है॥
संजय मित्तल गाए तराने, तेरे ही गुणगान के।
रखना लाज हमेशा बाबा, अपने इस नादान के॥
दिल की हर धड़कन से तेरा नाम निकलता है॥
हृदय कमल में श्याम बसे, रोम रोम ओंकार।
संजय मित्तल वंदना, कीजे अंगीकार॥