देवी तारा: मन्त्र

पारंपरिक
माता दुर्गा मंत्र Mantra Devi Tara Mantra Mantra
॥ पावन पाठ ॥

1. एकाक्षरी तारा मन्त्र (1 अक्षर वाला मन्त्र)

ॐ त्रीं

2. तीन अक्षरी तारा मन्त्र (3 अक्षरों वाला मन्त्र)

ॐ हूं स्त्रीं हूं॥

3. चतुराक्षर तारा मन्त्र (4 अक्षरों वाला मन्त्र)

ॐ ह्रीं ह्रीं स्त्रीं हूं॥

4. पञ्चाक्षरी तारा मन्त्र (5 अक्षरों वाला मन्त्र)

ॐ ह्रीं त्रीं ह्रुं फट्॥

5. षडाक्षर तारा मन्त्र (6 अक्षरों वाला मन्त्र)

ऐं ॐ ह्रीं क्रीं हूं फट्॥

6. सप्ताक्षर तारा मन्त्र (7 अक्षरों वाला मन्त्र)

ॐ त्रीं ह्रीं, ह्रूं, ह्रीं, हुं फट्॥

7. हँस तारा मन्त्र

॥ दोहा ॥

ऐं स्त्रीं ॐ ऐं ह्रीं फट् स्वाहा॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।