देवी चित्रलेखा

संत तुकाराम
श्री कृष्ण संत साहित्य Bhakt Devi Chitralekha Bhakt
॥ पावन पाठ ॥

भक्तमाल | देवी चित्रलेखा

असली नाम - चित्रलेखा शर्मा

अन्य नाम - देवी जी

गुरु - श्री श्री गिरधारी बाबा

आराध्य - श्रीकृष्ण

जन्म- 19 जनवरी 1997

जन्म स्थान - ग्राम खंबी, जिला पलवल, हरियाणा

वैवाहिक स्थिति - विवाहित

पिता - तुकाराम शर्मा

माता - चमेली देवी

पति - माधव प्रभुजी

भाषा - हिंदी, अंग्रेजी

पेशा- आध्यात्मिक वक्ता, भक्ति गायक

देवी चित्रलेखा जी एक प्रमुख श्रीमद् भागवत कथा उपदेशक हैं और हरिनाम को विश्व भर में फैलाती हैं। वह संकीर्तन यात्रा के लिए बहुत प्रसिद्ध हैं। देवी चित्रलेखा भारत की सबसे कम उम्र की साध्वी हैं। वह अपने प्रेरक भाषण के लिए भी जानी जाती हैं। ऐसा माना जाता है कि देवी चित्रलेखा जी के जन्म के समय कुछ प्रसिद्ध संत उनके घर आए थे। उस समय उन्होंने उसे कृतज्ञ पाया जैसे कि बच्चे में कोई विशेष बात हो। तभी से उन्हें चमत्कारी कहा जाने लगा।

उनके जीवन का एकमात्र उद्देश्य "राधा कृष्ण" और "हरे कृष्ण महामंत्र" की लहर को अपने जीवन के अंत तक पूरे

देवी चित्रलेखा द्वारा गाये गए भजन:

सरल हिंदी भावार्थ एवं आध्यात्मिक महत्व

देवी चित्रलेखा | Devi Chitralekha

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।