देना हो तो दीजिए जनम जनम का साथ

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन Bhajan Shri Krishna Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

देना हो तो दीजिए,

जनम जनम का साथ ।

अब तो कृपा कर दीजिए,

जनम जनम का साथ ।

मेरे सर पर रख बनवारी,

अपने दोनों यह हाथ ॥

देने वाले श्याम प्रभु से,

धन और दौलत क्या मांगे ।

श्याम प्रभु से मांगे तो फिर,

नाम और इज्ज़त क्या मांगे ।

मेरे जीवन में अब कर दे,

तू कृपा की बरसात ॥

देना हो तो दीजिए,

जनम जनम का साथ ॥

श्याम तेरे चरणों की धूलि,

धन दौलत से महंगी है ।

एक नज़र कृपा की बाबा,

नाम इज्ज़त से महंगी है ।

मेरे दिल की तम्मना यही है,

करूँ सेवा तेरी दिन रात ॥

देना हो तो दीजिए,

जनम जनम का साथ ॥

झुलस रहें है गम की धुप में,

प्यार की छईया कर दे तू ।

बिन माझी के नाव चले ना,

अब पतवार पकड़ ले तू ।

मेरा रास्ता रौशन कर दे,

छायी अन्धिआरी रात ॥

देना हो तो दीजिए,

जनम जनम का साथ ॥

सुना है हमने शरणागत को,

अपने गले लगाते हो ।

ऐसा हमने क्या माँगा जो,

देने से घबराते हो ।

चाहे जैसे रख बनवारी,

बस होती रहे मुलाक़ात ॥

देना हो तो दीजिए,

जनम जनम का साथ ॥

देने वाले श्याम प्रभु से,

धन और दौलत क्या मांगे ।

श्याम प्रभु से मांगे तो फिर,

नाम और इज्ज़त क्या मांगे ।

मेरे जीवन में अब कर दे,

तू कृपा की बरसात ॥

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इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।